Operation Sindoor के बाद अब यह कोई संयोग नहीं है कि हाल ही में भारत के सैन्य नेतृत्व—भारतीय सेना प्रमुख, भारतीय वायुसेना प्रमुख और रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को लेकर एक के बाद एक सख्त बयान दिए हैं। इन बयानों का स्वरूप साफ इशारा करता है कि भारत अब आतंकवाद और पाकिस्तान की गतिविधियों को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।
सेना और रक्षा मंत्री के बयान:
हाल ही में भारतीय Army Chief ने कहा कि अगर पाकिस्तान अपनी भौगोलिक स्थिति को बनाए रखना चाहता है तो उसे तुरंत आतंकवाद पर रोक लगानी होगी, वरना नक्शा भी बदल सकता है। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान में कहा कि कराची का रास्ता सर क्रीक से होकर गुजरता है, जो पाकिस्तान के लिए एक सीधा संदेश है- सुधरने के लिए।
सर क्रीक क्या है… और कहाँ पर है?
सर क्रीक भारत के गुजरात और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच एक 96 किलोमीटर लंबी जल-पट्टी है, मतलब यह कच्छ के रण का दलदली इलाका है। यह कोई खास पर्यटक स्थल नहीं है बल्कि एक खारे दलदल का अव्यवस्थित मैदान है जो की अरब सागर से लगा हुआ है। वहाँ पर जाना ही अपने आप में खतरनाक है क्यूँकि सर क्रीक एक दलदल है. यहाँ तक की सैनिकों के लिए भी वहाँ पर निगरानी करना काफी मुश्किल हो जाता है।

सर क्रीक पर क्या विवाद है?
अगर इस विवाद को आसान भाषा में समझने की कोशिश करें तो इतिहास में (अंग्रेजों के कालखंड में) इस दलदलीय क्षेत्र का सटीक सीमांकन नहीं हो पाया था क्यूँकि इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और यहाँ पर आने वाले ज्वार-भाटे इस पुरे क्षेत्र को बहुत ही अव्यवस्थित रखते हैं। और सटीक सीमांकन न होने की वजह से भारत का इस क्षेत्र में अपना दावा है, वहीं पाकिस्तान भी इस क्षेत्र पर अपना दावा करता रहता है।
सर क्रीक पर अधिकार होने के फायदे:
यह क्षेत्र अरब सागर से लगा हुआ है और यह एशिया के सबसे बड़े मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों में से एक है। साथ ही साथ विवादित क्षेत्र होने की वजह से अब तक इसमें मौजूद गैस और तेल के विशाल भंडारों का दोहन भी नहीं हो पाया है। इसके अलावा UN क्लॉज के हिसाब से सर क्रीक के पास का 200 नॉटिकल माइल्स का समुद्र भी Exclusive Economic Zone के अंतर्गत इस पर अधिकार प्राप्त करने वाले देश के पास आ जाएगा, जो रणनीतिक और सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर(PoK) की स्थिति:
इन सबके बीच PoK में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। भारत ने पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड की कड़ी निंदा की है। विरोध प्रदर्शनों में 10 नागरिकों की मौत हुई, जिसे लेकर भारत ने पाकिस्तान की आलोचना की। पाकिस्तान ने PoK में पूरी तरह से इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद कर रखी हैं। यह स्थिति 28 सितंबर से जारी है, जिससे साफ है कि पाकिस्तान PoK को आंतरिक रूप से संभालने में नाकाम हो रहा है।
Operation Sindoor और भारतीय वायुसेना का दावा:
इस तनावपूर्ण माहौल के बीच, भारतीय वायुसेना प्रमुख (Air Chief Marshal) का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि Operation Sindoor के दौरान भारत ने पाकिस्तान के 12 लड़ाकू विमान (Fighter Jets) मार गिराए, जिनमें F-16 जैसे अमेरिकी मूल के विमान भी शामिल थे।
भारतीय वायुसेना ने यह भी खुलासा किया कि Operation Sindoor के दौरान पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर हमला किया गया और इसकी वीडियो और सैटेलाइट इमेज दुनिया भर में देखी गईं। यह पहली बार है जब आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया गया कि F-16 विमान हवा और जमीन दोनों जगहों पर नष्ट किए गए। इसके अलावा, पाकिस्तान का Airborne Early Warning Control Aircraft भी गिरा दिया गया। यह बेहद दुर्लभ घटना है क्योंकि ऐसे विमान आमतौर पर सुरक्षित और रक्षात्मक क्षेत्र में तैनात रहते हैं।
रणनीतिक महत्व और भविष्य की सम्भावनाऐं:
जब भारतीय सेना प्रमुख, वायुसेना प्रमुख और रक्षा मंत्री एक ही स्वर में पाकिस्तान के खिलाफ बयान दे रहे हैं, तो सवाल उठना लाजमी है कि क्या आने वाले समय में कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है? भारत का यह आक्रामक रुख न केवल पाकिस्तान को चेतावनी है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी भारत की सैन्य क्षमता और सख्त नीति को दर्शाता है, साथ ही साथ इससे यह भी संकेत मिलता है कि Operation Sindoor अभी भी चल रहा है।
जैसा कि Age of Discovery के समय यूरोपीय देशों ने तकनीक और रणनीति से नए क्षेत्र खोजे और प्रभुत्व स्थापित किया, ठीक उसी तरह Operation Sindoor में भारतीय वायुसेना की कुशल योजना और सटीक हमले की क्षमता आधुनिक रणनीतिक दूरदर्शिता का उदाहरण है।
Operation Sindoor और हालिया बयानों ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय वायुसेना और पूरी भारतीय सेना अब किसी भी खतरे का जवाब देने में पूरी तरह सक्षम और आत्मविश्वासी है। पाकिस्तान चाहे आतंकवाद को संरक्षण दे या PoK को गलत तरीके से कब्जे में रखे, भारत अब हर स्तर पर उसे जवाब देने को तैयार है।