Dhurandhar Movie को Gulf Countries में क्यों Ban किया गया ?

आज के समय में Dhurandhar एक ऐसी फिल्म बन चुकी है जो लगातार चर्चा में बनी हुई है। 5 दिसंबर 2025 को रिलीज होने के बाद शुरुआती दिनों में फिल्म को कोई खास प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। हालांकि, जैसे-जैसे दर्शकों ने फिल्म देखी, Word of Mouth के जरिए इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ने लगी।

वर्तमान स्थिति को देखें तो Dhurandhar इस साल की बड़ी फिल्मों में अपनी जगह बनाती नजर आ रही है। बॉक्स ऑफिस के मौजूदा रुझानों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म की कमाई आने वाले समय में 700 करोड़ रुपये के आँकड़े को छू सकती है।

Dhurandhar को Gulf Countries ने किया Ban:

हालांकि फिल्म की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, लेकिन इसी बीच Dhurandhar को लेकर एक नई चुनौती सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Gulf देशों ने इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस फैसले ने फिल्म को लेकर चल रही चर्चा को और तेज कर दिया है।

Dhurandhar movie ban in Gulf countries shown through cinema hall symbolic image
Symbolic image representing the ban on Dhurandhar movie in Gulf countries

यहाँ यह समझना जरूरी है कि Gulf Countries किन देशों को कहा जाता है। आमतौर पर बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को इस श्रेणी में रखा जाता है। इन देशों के बीच क्षेत्रीय प्रभाव के लिहाज से सऊदी अरब को एक प्रमुख नेतृत्वकारी भूमिका में देखा जाता है, हालांकि यह कोई आधिकारिक पद नहीं है।

गौर करने वाली बात यह है कि हाल ही में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच एक रक्षा समझौते की खबरें सामने आई थीं। इसी पृष्ठभूमि में यह देखा गया कि Gulf देशों ने क्रमवार रूप से Dhurandhar फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।

इन देशों की ओर से दिए गए कारणों के अनुसार, उनका मानना है कि फिल्म में पाकिस्तान को लेकर एक विशेष Narrative प्रस्तुत किया गया है, जिसे उन्होंने आपत्तिजनक माना। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी कथित “Anti-Pakistan Narrative” को फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मुख्य वजह बताया गया है।

Dhurandhar Movie में ऐसा क्या है?

फिल्म देखने वाले कुछ दर्शकों का कहना है कि इसमें पाकिस्तान में घटित कुछ वास्तविक घटनाओं को आधार बनाकर कहानी प्रस्तुत की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म में पाकिस्तान की राजनीति से जुड़े कुछ पात्रों और परिस्थितियों को भी दर्शाया गया है।

निर्माताओं की ओर से यह संकेत दिया गया है कि फिल्म की कहानी कुछ सच्ची घटनाओं से प्रेरित है। इसी वजह से Dhurandhar को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं और फिल्म विवादों में आ गई है।

भारत के लिए परेशानी:

हालांकि Gulf देशों ने अभी हाल ही में Dhurandhar फिल्म पर प्रतिबंध लगाया है, यह कोई नई घटना नहीं है। पिछले कई वर्षों में देशभक्ति और राजनीतिक संदर्भ वाली भारतीय फिल्मों को भी समय-समय पर Gulf देशों द्वारा प्रतिबंधित किया गया है।

उदाहरण के लिए, The Kashmir Files (2022), Tiger 3 (2023), Fighter (2024), Article 370 (2024), Sky Force (2025) और The Diplomat (2025) जैसी फिल्में भी इसी श्रेणी में आती हैं, जिन्हें Gulf देशों ने रिलीज होने से पहले या बाद में प्रतिबंधित किया।

अब भारत के लिए परेशानी यह है कि जब भारत में देशभक्ति या राजनीतिक विषयों पर आधारित फिल्में बनती हैं, तो Gulf देशों में उन पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। जबकि, इसी तरह की फिल्में जब पाकिस्तान में बनती हैं, तो अक्सर उन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाता, चाहे उनमें भारत के खिलाफ कोई विशेष Narrative क्यों न दिखाई दे।

Dhurandhar Movie पर Gulf Ban के बाद भारत को क्या करना चाहिए ?

  • कूटनीतिक स्तर पर स्पष्ट बातचीतー भारत को Gulf देशों के साथ सीधे और स्पष्ट संवाद करना चाहिए, ताकि यह समझा जा सके कि फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने के स्पष्ट और समान मानदंड क्या हैं। इससे भविष्य में ऐसे फैसलों को लेकर भ्रम की स्थिति कम हो सकती है।
  • सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का पक्ष मजबूती से रखनाー भारत को यह रेखांकित करना चाहिए कि भारतीय फिल्में अक्सर रचनात्मक स्वतंत्रता और ऐतिहासिक संदर्भों पर आधारित होती हैं। किसी भी देश को सीधे तौर पर निशाना बनाना उनका उद्देश्य नहीं होता।
  • सॉफ्ट पावर और फिल्म डिप्लोमेसी का उपयोगー भारतीय सिनेमा वैश्विक स्तर पर भारत की एक बड़ी Soft Power है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल, सांस्कृतिक मंच और मीडिया के जरिए भारत अपनी बात को संतुलित तरीके से सामने रख सकता है।

Geopolitics की दुनिया में ये सब चलता रहता है। न तो किसी देश का कोई स्थायी मित्र होता है और न ही स्थायी शत्रु। अंतरराष्ट्रीय राजनीति आज भी अपने हितों के अनुसार फैसले लेती है, ठीक वैसे ही जैसे करीब 200 साल पहले Napoleon Bonaparte के दौर में लिया जाता था। उस समय भी सत्ता, कूटनीति और नैरेटिव की भूमिका बेहद अहम थी।

Napoleon के राजनीतिक दौर और उसकी रणनीतियों के बारे में विस्तार से यहाँ पढ़ा जा सकता है।

कुल मिलाकर, Dhurandhar पर Gulf देशों का प्रतिबंध केवल एक फिल्म तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और कूटनीतिक संतुलन से जुड़ा विषय बन गया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि भारत और Gulf देशों के बीच संवाद के जरिए इस तरह के मुद्दों का संतुलित समाधान कैसे निकाला जाता है।

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